Tag: Spirituality

  • Shiv Sutra : Power to choose !!

    शुक्लं यजुर्वेद के रुद्राष्टाध्यायी सुत्र में उल्लेख है,“तन्मे मनः शिवसंकल्पमस्तु“ इस सुत्र को हमे समझना होगा, शाब्दिक अर्थ को तो आप जानते ही होंगे। पर इस सुत्र को महाशिवरात्री के शुभ अवसर पर जिवन में पिरोना होगा। यह सुत्र हमे बताता है, और सिखाता है,अगर आप किसी हाथी पर बैठना चाहते हो तो उस हाथी…

  • Mantra:- The ultrasound theropy

    शब्द सामर्थ्य आत्मोकर्षण के इस नए युग की नई परिभाषा में हमारे जीवन का कायाकल्प का युग आरंभ कर हो रहा हैं। यह अवसर शुभ संकल्प का हैं। यह शंखनाद का समय हमे जीवन के नए आयाम को आकर्षित कर रहा है। जीवन जीने की नई प्रेरणा प्रदान कर रहा है। जहां आपकी चेतना रूपी…

  • A latent light

    ।। तस्मिन् सति श्वासप्रश्वासयोर्गतिविच्छेदः प्राणायामः।। हमारा जीवन जीने के लिए अन्न और जल जितना महत्व पूर्ण है, उतना ही महत्व पूर्ण है, वायु। क्या हम सिर्फ वायु के सहारे जिंदा रह सकते है क्या ? बिल्कुल ही नहीं। हम शरीर में नासिका के द्वारा वायु खींचते है, नही! बल्कि नासिका रंध्र से वायू के साथ…

  • A win win attitude

    मानवी व्यक्तित्व में अन्तनिहित समग्रता! पदार्थवादी दृष्टिकोण वाले बौद्धिक मनुष्य को जैव रासायनिक संयोगों का एक आकस्मिक समुच्चय ही मानते रहे हैं। उस स्थिति में सम्पूर्ण व्यक्तित्व की किसी विशिष्ट एक सूत्र का प्रश्न ही नहीं उठता। रंग, रक्त, शरीरस्थ रसों आदि की दृष्टि से निश्चित वर्गों का निर्धारण हो जाने पर तो यह और…

  • पूर्ण स्वास्थ होना है!

    मै चाहता क्या हूं? जन्म और मृत्यु के बीच की अवस्था का नाम जीवन है। जीवन को समझने से पूर्व जन्म और मृत्यु के कारणों को समझना आवश्यक होता है। जिसके कारण हमारा जीव विभिन्न जीव स्तर पर भ्रमण करता है। जन्म और मृत्यु क्यों? कब ? कैसे और कहाँ होती है? उसका संचालन और…

  • चेतना विकास और विज्ञान

    ।अथ योगानुशासनम्। मनुष्य का जीवन साधना पथ हैं। साधना के साथ आपको खुद को साधना होता हैं। परम शक्ति का यह उपहार है मनुष्य जीवन। जिसका हर एक कार्य, कर्म, विचार उस ब्रम्हांडिय ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करता हैं। क्यूकि परम शक्ति बाहर नहीं अपने भीतर हैं। यह केवल बात करने का कार्य नही है। यह…

  • आध्यात्म योग

    ज्ञान, कर्म, और उपासना का संयोग है “आध्यात्म” ज्ञान कर्म और उपासना, व्यक्ति इन तीनों से कभी भी खाली नहीं रहता। इन तीनों को शुद्ध बनाएं। तभी आपका इस जीवन का भविष्य तथा अगले जन्मों का भविष्य सुखदायक होगा। कर्मों का फल बहुत जटिल विषय है। बड़े-बड़े विद्वान इस विषय को ठीक से समझ नहीं…

  • Miracles of words!

    समर्थ गुरु रामदास का यह कथन सत्य है कि संसार भर में हमारे मित्र मौजूद हैं; किन्तु उन्हें प्राप्त करने की कुंजी जिह्वा के “कपाट” में बन्द है। मनुष्य की शिक्षा, सभ्यता, संस्कृति, बुद्धिमत्ता, चतुरता, विचारशीलता एवं दूरदर्शिता उसकी वाणी के माध्यम से ही दूसरों पर प्रकट होती रहती है। समाज में प्रतिष्ठा और प्रामाणिकता…

  • वसंत कुसुमाकर।

    भारतीय संस्कृति अपने आप में एक अनोखा विज्ञान है। जिसकी तुलना नहीं की जा सकती है। मानसिक स्वास्थ्य को संतुलित बनाएं रखने के लिए हमे जागरूक रहना होगा। यह संस्कृति हमे कर्मकाण्ड का आधार प्रदान करती है। कर्मकांड भी विज्ञान है खुद को मंत्र के साथ पिरोने का। वसंत ऋतु का आगमन ही विद्यारंभ संस्कार…

  • आयुर्वेद चिकित्सा विज्ञान

    भारत को आयुर्वेद की अमूल्य देन है।आयुर्वेद एक जीवन जीने का सात्विक तरीका हैं। समग्र स्वस्थ जीवन जीना मानव जीवन का आधिकार है। भारतीय चिकित्सा पद्धति मां प्रकृति का आशीर्वाद है।जो निरोगी जीवन को प्रदान करती है ,साथ ही साथ निरोगी विचारो को बल देती है। आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति एक तरीका है, जो आहार को…

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