Tag: inspirational

  • Test of success

    Test of success

    Goal should be high and high Every person in life wants to be successful and success is also the birthright of every person, but in the blind race of success, when it becomes beyond understanding, then the person can not get happiness even after achieving success. In such a way, there are questions on success…

  • Sanskrit:- The language of God

    Sanskrit:- The language of God

    A celestial sounds If we look at the science of ancient India, then there is a grand vision of the vast culture of India. The education which teaches us and makes us aware, they are as follows, Survey Bhavantu Sukhin Survey Santu Niramaya This higher education is coming only and only from the Vedic period.…

  • ऑटो सजेशन” की अनोखी पहल है, “तुलसी”

    स्वस्थता प्रदायक हैं तुलसी तुलसी एक दैविक वनस्पति है, इसलिए तुलसी का सनातन समाज में बहुत महत्व था। आज भी पूजा-पाठ में तुलसी के पत्तों की जरूरत पड़ती है। पंचामृत व चरणामृत, दोनों में तुलसी के पत्ते अनिवार्य हैं। एक समय था जब भारत के हर घर-आँगन में तुलसी का चौरा (तुलसी लगाने का स्थान)…

  • अमृतस्य भोजन!

    सर्वोपनिषदो गावो दोग्धा गोपाल नन्दनः आरोग्य का अर्थ होता है, संपन्न बनना। अपनी शक्तीयो को बढ़ाकर योग्य उपयोग करना। आरोग्य का अर्थ केवल भौतिक शरिर से संपन्न होने तक सीमीत नहीं है। आरोग्य का सही अर्थ होता है, मानसिक संपदा, सामाजिक आरोग्य अर्थात (किर्ती, यश), और आत्मसमाधान इन चारों स्तर पर आरोग्य का स्थान रहना…

  • Shiv Sutra : Power to choose !!

    शुक्लं यजुर्वेद के रुद्राष्टाध्यायी सुत्र में उल्लेख है,“तन्मे मनः शिवसंकल्पमस्तु“ इस सुत्र को हमे समझना होगा, शाब्दिक अर्थ को तो आप जानते ही होंगे। पर इस सुत्र को महाशिवरात्री के शुभ अवसर पर जिवन में पिरोना होगा। यह सुत्र हमे बताता है, और सिखाता है,अगर आप किसी हाथी पर बैठना चाहते हो तो उस हाथी…

  • Mantra:- The ultrasound theropy

    शब्द सामर्थ्य आत्मोकर्षण के इस नए युग की नई परिभाषा में हमारे जीवन का कायाकल्प का युग आरंभ कर हो रहा हैं। यह अवसर शुभ संकल्प का हैं। यह शंखनाद का समय हमे जीवन के नए आयाम को आकर्षित कर रहा है। जीवन जीने की नई प्रेरणा प्रदान कर रहा है। जहां आपकी चेतना रूपी…

  • A latent light

    ।। तस्मिन् सति श्वासप्रश्वासयोर्गतिविच्छेदः प्राणायामः।। हमारा जीवन जीने के लिए अन्न और जल जितना महत्व पूर्ण है, उतना ही महत्व पूर्ण है, वायु। क्या हम सिर्फ वायु के सहारे जिंदा रह सकते है क्या ? बिल्कुल ही नहीं। हम शरीर में नासिका के द्वारा वायु खींचते है, नही! बल्कि नासिका रंध्र से वायू के साथ…

  • A win win attitude

    मानवी व्यक्तित्व में अन्तनिहित समग्रता! पदार्थवादी दृष्टिकोण वाले बौद्धिक मनुष्य को जैव रासायनिक संयोगों का एक आकस्मिक समुच्चय ही मानते रहे हैं। उस स्थिति में सम्पूर्ण व्यक्तित्व की किसी विशिष्ट एक सूत्र का प्रश्न ही नहीं उठता। रंग, रक्त, शरीरस्थ रसों आदि की दृष्टि से निश्चित वर्गों का निर्धारण हो जाने पर तो यह और…

  • आयु + वेद = आयुर्वेद

    मां प्रकृति का धन्यवाद करना सीखाता, “आयुर्वेद” मां प्रकृति ने मनुष्य के लिए हर वस्तु उत्पन्न की है। जीवन को जीने के लिए प्राण वायु, शक्ती के लिए अन्न। मां प्रकृति हमारी हर एक जरूरत को पूर्ण करती है। वो कभी आपदा के रुप में कहर बनकर टूट पड़ती है तो भी हमारी मदद करती…

  • पूर्ण स्वास्थ होना है!

    मै चाहता क्या हूं? जन्म और मृत्यु के बीच की अवस्था का नाम जीवन है। जीवन को समझने से पूर्व जन्म और मृत्यु के कारणों को समझना आवश्यक होता है। जिसके कारण हमारा जीव विभिन्न जीव स्तर पर भ्रमण करता है। जन्म और मृत्यु क्यों? कब ? कैसे और कहाँ होती है? उसका संचालन और…

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